काशी तमिल संगमम का तीसरा जत्था बनारस पहुंच चुका है। बृहस्पतिवार को तमिलनाडु से आए मेहमान जब काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे तो डमरू वादन, शंख ध्वनि और स्वस्तिवाचन के साथ ही फूल बरसाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। मेहमानों के दल में साहित्य से जुड़े 216 लोग शामिल हैं।
बृहस्पतिवार को दल काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा। मां गंगा के दर्शन के बाद गंगा द्वार के रास्ते दर्शनार्थी मंदिर चौक पहुंचे। सभी ने बाबा का जलाभिषेक किया। दर्शनार्थियों ने बाबा विश्वनाथ धाम की भव्यता को भी निहारा। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा। दर्शनार्थियों को धाम में बने भवनों के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद दर्शनार्थी विशालाक्षी मंदिर व मां अन्नपूर्णा मंदिर गए और माता का आशीर्वाद लिया। फिर भोग शाला में दक्षिण भारतीय व्यंजनों का प्रसाद ग्रहण किया।
काशी पहुंचे तीसरे दल को बाबा काल भैरव एवं संकट मोचन मंदिर में दर्शन करने ले जाया गया। शाम को क्रूूज पर सवार होकर गंगा आरती के साथ ही घाटों का भी अवलोकन किया।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि यह एक अलग ही अनुभव है जब दूसरे प्रदेशों के लोग इस धाम की भव्यता व दिव्यता को देखने के लिए आ रहे हैं। इस दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी निखिलेश मिश्रा, ट्रस्टी वेंकट रमन घनपाठी आदि मौजूद रहे।