वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग की ओर से राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया। ज्योतिष शास्त्र में प्रौद्योगिक अनुप्रयोग संभावनाएं व चुनौतियां विषय पर विद्वानों ने ज्योतिष के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से ज्योतिष में गणनाएं और सरल हो गई हैं। ज्योतिष के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. उमाशंकर शुक्ल ने कहा कि प्राचीनकाल से ही ऋषियों-मुनियों द्वारा भी अपने स्तर से तकनीकी का प्रयोग किया जाता था। वर्तमान काल में कंप्यूटर, टेलीस्कोप, प्रोजेक्टर आदि के प्रयोग ने ज्योतिष शास्त्र के पठन-पाठन को और सुगम बना दिया। नागपुर के प्रो. कृष्ण कुमार पांडेय, कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि ज्योतिषशास्त्र में प्रौद्योगिकीय विकल्पों का प्रयोग कर विश्व में व्याप्त ज्वलंत समस्याओं का निदान किया जा सकता है। इस दौरान बीएचयू के प्रो. विनय पांडेय, चेन्नई से आचार्य अखिलेश्वर मिश्र, प्रो. मदन मोहन पाठक, प्रो. रामजीवन मिश्र, डॉ. अरूण उपाध्याय, प्रो. गिरिजाशंकर शास्त्री, डॉ. शत्रुघ्न त्रिपाठी ने विचार व्यक्त किए।