शासन और प्रशासन काशी में गंगा के अर्द्धचंद्राकार स्वरूप को समाप्त करने में लगा हुआ है। सरकार अगर काशी में गंगा पर अपना रुख साफ नहीं करती है तो कांग्रेस आंदोलन की राह अपनाएगी। हम मां गंगा के बनावटी बेटे नहीं हैं, गंगा की गोद में पैदा हुए और यहीं हमें मुक्ति भी मिलेगी। यह बातें शनिवार को लहुराबीर स्थित कैंप कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेता अजय राय ने कही। उन्होंने कहा काशी में चल रही वर्तमान गंगा परियोजना प्रकृति के लिए विनाशकारी है। एक तरफ ललिता घाट के सामने गंगा की तलहटी में बनाया गया प्लेटफार्म और दूसरी तरफ बन रही नहर से काशी में गंगा का स्वरूप बिगड़ जाएगा। दोनों परियोजनाओं को बिना किसी वैज्ञानिक आधार के शुरू कर दिया गया। गंगा का जलस्तर बढ़ा तो 12 करोड़ की लागत से बन रही नहर का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और पैसे पानी में बह जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगाजल के रंग में शैवाल के कारण आए बदलाव पर काशी वासियों को भरमाया जा रहा है कि मिर्जापुर एसटीपी के कारण यह हुआ है। मल-जल साफ करने वाला संयंत्र भला काई उत्पादक कैसे हो जाएगा और वह काई केवल बनारस में ही छाएगी। शासन और प्रशासन जनता को बताए कि ललिता घाट पर बनने वाले प्लेटफार्म और नहर से काशी को क्या फायदा होगा।