जल संकट गहराता जा रहा है। गंगा के गिरते जलस्तर के कारण जल संस्थान के पंप भी हांफने लगे हैं। पानी की किल्लत के साथ दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या झेल जनता को राहत दिलाने के लिए जलकल संस्थान के पास भी विकल्प नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब बरसात के बाद ही साफ पानी मुहैया हो सकेगा। तो वहीं गंगा के जलस्तर को सुधारने के लिए के लिए गंगा बैराज 3500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बनारस में गंगा का जलस्तर लगातार दूसरे साल नीचे जा रहा है। गंगा का जलस्तर 191.4 फीट तक पहुंच गया जो न्यूनतम जलस्तर से महज दो फीट अधिक है। गंगा के जलस्तर में कमी को देखते हुए गंगा से शहर के लिए जलापूर्ति में लगभग 10 एमएलडी की कमी कर दी गई है। भदैनी स्थित जलकल के दोनों पंप 65 से 70 फीसदी ही पानी उठा पा रहे हैं। भेलूपुर स्थित जलकल के भूमिगत जलाशय में 108 से 110 एमएलडी पानी ही भेजा जा रहा है। सप्ताह भर पहले यह मात्रा 115 से 120 एमएलडी थी।
गंगा बैराज से 3500 क्यूसेक छोड़ा गया पानी :
कानपुर के गंगा बैराज से 35 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पांच से छह दिनों में यह पानी यहां पहुंचने की संभावना है। जलकल जीएम नीरज गौड़ के अनुसार, यमुना का पानी भी इसमें मिलने के कारण इलाहाबाद होते हुए पानी जब बनारस पहुंचेगा तो इसकी मात्रा साढ़े चार हजार क्यूसेक से ज्यादा हो जाएगी। इससे जलस्तर एक से डेढ़ फीट बढ़ेगा और स्थिति सुधरेगी। उन्होंने जनता से पानी के दुरुपयोग रोकने और जल संचय की अपील की है।
एक सप्ताह में ही दो फीट कम हो गया गंगा का जलस्तर :
गंगा का जलस्तर एक सप्ताह में करीब दो फीट कम हुआ है। तीन दिनों में रोजाना दो इंच पानी घटा है। तीन जून को गंगा का जलस्तर 193 फीट था जो नौ जून को 191 फीट चार इंच रह गया।
पुराने पुल के इलाके में भी कई दिनों से पानी की किल्लत है। यहां अभी तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। सोनकर बस्ती व सोनातालाब इलाके का भी यही हाल है। तेलियाबाग इलाके में बीते एक महीने से पानी की आपूर्ति ठप है। यहां जलकल विभाग की ओर से रोजाना सिर्फ एक टैंकर पानी भेजा जाता है। सिकरौल, सारनाथ, शिवपुर, जैतपुरा, लहरतारा, चेतगंज, लक्ष्मणपुर गिलट बाजार आदि क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
तारीख जलस्तर
9 जून 191.4
8 जून 191.6
7 जून 191.8
6 जून 191.9
5 जून 192 फीट