भदोही के पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा, उसके बेटे विष्णु मिश्रा और नाती ज्योती उर्फ विकास मिश्रा के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता सिंगर अदालत के आदेश से संतुष्ट नहीं है। जैतपुरा क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता ने कहा कि हमारे साथ तीनों ने ही बहुत गलत किया था। इसीलिए मैं मुकदमा दर्ज कराई थी। अदालत में हमने अपना पक्ष ईमानदारी से रखा। मगर, विजय मिश्रा के अलावा अन्य दोनों को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अदालत के आदेश के खिलाफ मैं हाईकोर्ट अपील करूंगी। पूरा प्रयास होगा कि मेरे साथ गलत करने वाले विष्णु और और विकास को भी हाईकोर्ट से सजा मिले।
पीड़िता ने कहा कि तीनों ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी। हमें अब कहीं काम नहीं मिलता है। जीवन जीने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह है कि अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर छुप कर रहना पड़ता है। हमेशा मन में डर समाया रहता है कि कहीं विजय मिश्रा के लोग हमारे साथ कोई अनहोनी न कर दें। विजय मिश्रा के परिजनों के धमकाने और मारपीट के बाद भी हमने समझौता नहीं किया तो हमारे खिलाफ मुंबई में मुकदमा दर्ज कराया गया। हमारा हर स्तर पर बहुत नुकसान हुआ है, उस दर्द को कोई और नहीं समझ सकता है। बहरहाल, हमें ईश्वर पर भरोसा है। हमारा मानना है कि हमारी जिंदगी को नारकीय बनाने वालों को दंड जरूर मिलेगा।
दुष्कर्म पीड़िता को धमकाने के मामले में वाराणसी में दर्ज है मुकदमा
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता पर जानलेवा हमला, गवाही न देने के लिए धमकाने सहित अन्य आरोपों में विजय मिश्रा, उसके बेटे, भतीजों, दामाद और बेटियों सहित 14 लोगों के खिलाफ जैतपुरा थाने में 13 सितंबर 2021 को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि विजय मिश्रा, उसके बेटे और नाती के खिलाफ भदोही में दर्ज कराए गए मुकदमे में समझौता करने और गवाही न देने का पीड़िता पर दबाव बनाया गया। बात न मानने पर उस पर जानलेवा हमला कर जानमाल की धमकी दी गई। इस मामले में विधायक विजय मिश्रा, उसके बेटे विष्णु मिश्रा, भतीजे मनीष व विकास मिश्रा, दामाद मुकेश तिवारी और बेटी गरिमा तिवारी पर अदालत आरोप तय कर चुकी है।