फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kashi vidyapith: प्रवेश परीक्षा की तारीखों पर नहीं थम रहा रार, प्रशासनिक भवन पर छात्रों ने जड़ा तला

Thu, 04 Aug 2022 01:42 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रवेश परीक्षा की तारीखों पर रार नहीं थम रहा है। परिवर्तित तिथि पर भी छात्रों का विरोध जारी है। 
विज्ञापन
प्रशासनिक भवन पर छात्रों ने जड़ा तला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रवेश परीक्षा की तारीखों पर रार नहीं थम रहा है। परिवर्तित तिथि पर भी छात्रों का विरोध जारी है। बुधवार को छात्रों ने प्रशासनिक भवन का मुख्य द्वार बंद करके विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई। छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर धमकी देने का आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि स्नातक प्रवेश परीक्षा की तिथियां एक ही दिन होने के कारण छात्रों को परेशानी हो रही है।

विज्ञापन


छात्रों ने बुधवार को काशी विद्यापीठ के प्रशासनिक भवन पर ताला जड़ दिया। इसके बाद छात्र मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करने लगे। चीफ प्रॉक्टर डॉ. अमिता सिंह ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। हंगामा बढ़ता हुआ देख पुलिस को जानकारी दी गई।

छात्रों का कहना था कि केंद्रीय विश्वविद्यालयाें की प्रवेश परीक्षा के साथ काशी विद्यापीठ प्रवेश परीक्षा है। एक ही दिन में तीन विषयों की परीक्षाएं कराई जा रही हैं। बीए मास काम और बीए एलएलबी की प्रवेश परीक्षा एक ही समय होने से कई छात्र इससे वंचित हो जाएंगे। छात्र नेताओं ने कहा कि पहले हम लोगों ने कुलपति, कुलसचिव और चीफ प्रॉक्टर से मिलने का प्रयास किया, लेकिन कोई मिला नहीं। इसके बाद विरोध शुरू किया।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

पहले प्रवेश परीक्षा की तारीखें चार से सात अगस्त थीं। छात्रों के विरोध के बाद मंगलवार को बदलकर सात, 13 और 14 अगस्त कर दिया गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर ने सभी को जेल भेजने की धमकी दी है। प्रभु पटेल, रविंद्र सिंह, पटेल, गौरव सिंह, संदीप पाल, गौरव पटेल, रजत प्रताप सिंह, अभिषेक मिश्रा, नीरज पांडेय मौजूद रहे।

कुलानुशासक प्रो. अमिता सिंह ने छात्रों से अपील की है कि वह प्रशासनिक भवन का गेट बंद ना करें। छात्रों को धरना देना है तो उसके लिए धरना स्थल बना है। छात्र धरना स्थल पर ही धरना दें या अपनी मांगों को लिखित रूप में प्रशासन के सामने पेश करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें