नारद जी के कहने पर वेदव्यास जी ने लोक मंगल के लिए भागवत की रचना की। भागवत के मुख्य श्रोता राजा परीक्षित हैं। श्रीमद्भागवत के श्रवण से ही सात दिन में राजा परीक्षित की मुक्ति हो गई। ये बातें स्वामी नारायणानंद तीर्थ महाराज ने कहीं। वह रविवार को अस्सी स्थित रामेश्वर मठ में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करा रहे थे। उन्होंने कहा कि भागवत मुक्ति शास्त्र है, श्रवण करने से ही मुक्ति सुलभ हो जाती है। स्वामी नारायणानंद ने कहा कि शंकराचार्य ने कहा कि संशय की निवृत्ति ज्ञान से ही होती है। श्रवण के बिना किसी भी अज्ञात वस्तु का ज्ञान नहीं हो सकता है। अखिल गुरु नारायण ही हैं। कार्यक्रम के पूर्व गुरु पीठ परंपरा अनुसार पादुका पूजन किया गया।