जमीन के स्वामित्व समेत अन्य विवादों के बीच होटल निर्माण की वैधता पर सवाल उठे तो वीडीए ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई की। निर्माण के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाए जाने की बात सामने आने के बाद वीडीए ने नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश और विभागीय अभिलेखों की जांच के आधार पर तय होगी।
चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने पूरे प्रकरण को व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर अवगत कराया था। इस प्रकरण को विधानसभा के अंदर जमानिया के विधायक ओमप्रकाश सिंह ने भी उठाया था। मूल रूप से यह जमीन उपेंद्र बसु की है जो सोसाइटी को कभी अधिकृत रूप से दान नहीं दी थी।