माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। वीडीए का पूरा जोर है कि शहर में बेहतर तरीके से विकास हो, किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग के पहले सुनिश्चित कर लें कि प्रस्तावित लेआउट में 9 मीटर की सड़क हो। इसके अलावा संबंधित भूमि का भू-उपयोग आवासीय हो। 3000 वर्ग मीटर (1.5 बीघा) से अधिक क्षेत्रफल वाली किसी भी प्लॉटिंग में पार्क का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। लैंड यूज कृषि या व्यवसायिक दर्ज है। लैंड यूज बदलने के लिए आवेदन करने का प्रावधान है। जिसके तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। वीडीए ने निर्माण के नियमों में हाल ही में बदलाव किए हैं। जिससे 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक निर्माण के लिए केवल 1 रुपये में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और नक्शा पास हो जाता है। विस्तृत नक्शे की आवश्यकता नहीं होती है। बल्कि स्व-घोषणा पर्याप्त है। साथ ही 15 मीटर से कम ऊंचाई की इमारतों में फायर सेफ्टी के नियम भी सरल किए गए हैं। 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों में अब पूरे भवन में फायर उपकरण लगाना अनिवार्य नहीं है, केवल जिस हिस्से में कारोबार हो रहा है, उतने हिस्से के लिए प्रमाणपत्र लेना होगा। छत पर 25,000 लीटर के टैंक की आवश्यकता है, जबकि पहले 75,000 लीटर का प्रावधान था, जो अब नहीं रहा। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने कहा कि बिना लेआउट स्वीकृत प्लॉटिंग न करें। ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी।