वाराणसी। दीपावली के बाद काशी के मंदिर अन्नकूट से रच-रचकर सजेंगे। इसकी तैयारियां भी अंतिम चरण में है। मछोदरी स्थित श्री स्वामी नारायण मंदिर में इस बार भगवान को 25 कुंतल भोग चढ़ेगा। खास यह भी है कि 78 वर्ष बाद मंदिर का जीर्णोंद्धार हो रहा है। कार्य पूरा होने पर मंदिर का रूप देखते ही बनेगा। वहीं, धनतेरस से लेकर अन्नकूट पूजन तिथि के बाबत मंदिर के महंत प्रेम स्वरूप दास ने बताया कि इस बार 13 नवंबर को श्री लक्ष्मी पूजन सायं काल होगा। इसके पश्चात भक्तों में माता को चढ़ा खजाना प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके अगले दिन दीपावली पूजन और 15 नवंबर को अन्नकूट झांकी मंदिर में सजेगी। अन्नकूट दर्शन दोपहर 12.30 बजे आरती के पश्चात आरम्भ होगा जो रात्रि आठ बजे तक अनवरत रहेगा। चूंकि कोरोना काल चल रहा है इसलिए इस बार भंडारा नहीं होगा। इसकी बजाय भक्तों में सूखा प्रसाद बांटा जाएगा। इसके लिए छह कुंतल बुंदिया बनाया जा रहा है। मंदिर महंत के अनुसार
कोविड-19 के गाइड लाइन का पालन कराते हुए भक्तों को मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा।