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धर्म एवं धर्मनिरपेक्षता के आदर्श थे पं. कमलापति

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मन की बात की जगह जन-मन की बात सुनने के थे कायल पं. कमलापति त्रिपाठी की 115 वीं जयन्ती के अवसर पर हुआ वेबिनार अमर उजाला ब्यूरो वाराणसी। पूर्व सांसद व पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने कहा कि कमलापति जी में सनातन धर्म और कांग्रेस की आस्था जीवन केअभिन्न संस्कार थे। वह मानते थे कि निजी एवं सार्वजनिक जीवन के यह दोनों संस्कार जीवित रहते नहीं छूट सकते। वह बृहस्पतिवार को पं. कमलापति त्रिपाठी की ११५वीं जयंती पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी धर्म एवं धर्मनिरपेक्षता दोनों के आदर्श थे। उनके लिए धर्मनिरपेक्षता न धर्मविहीनता थी और न धर्मांधता। बुनियादी मूल्य कमजोर होंगे तो भारत भी कमजोर होगा। अध्यक्षता करते हुए संकट मोचन के महंत प्रोङ विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि पंडित जी काशी के गौरव पुरुष और सार्वजनिक जीवन के ऐसा पुरोधा थे जिन्हें काशी की संस्कृति एवं समाज के मर्म का ज्ञान था। वह अपने मन की बात करने की जगह जन-मन की बात सुनने और समझने के कायल थे। ऑनलाइन समारोह में दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पांजलि पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने किया। स्वागत और संचालन प्रो. सतीश कुमार राय ने किया। आयोजन में विजय शंकर पांडेय, विजय शंकर मेहता, बैजनाथ सिंह, शैलेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र प्रताप सिंह तथा ऋ षि उपाध्याय एवं श्री पुनीत मिश्र ने योगदान दिया। ------ पं. कमलापति त्रिपाठी राष्टï्रीय पत्रकारिता पुरस्कार विजय विनीत व पवन जायसवाल को वाराणसी। पं. कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन की ओर से पं. कमलापति त्रिपाठी राष्टï्रीय पत्रकारिता, साहित्य पुरस्कार की घोषणा हुई। पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने बताया कि यह पुरस्कार संयुक्त रूप से विजय विनीत औ मिर्जापुर के पवन जायसवाल को दिया जाएगा। चेन्नई की साहित्य सेविका डॉ. श्रावणी भट्टाचार्य एवं वाराणसी की पत्रकार सरोज सिन्हा को विशेष पं. कमलापति त्रिपाठी सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है।
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