अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को एसटीएफ वाराणसी ईकाई ने बुधवार को बिहार के गया के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के सामने जीटी रोड उत्तरी लेन से गिरफ्तार किया। ट्रक में नमक की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया 684 किलो गांजा मिला। इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 1.71 करोड़ रुपये आंकी गई है। एक कार भी बरामद हुई।
फील्ड यूनिट वाराणसी इकाई के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चंदौली रामगढ़ के महराजगंज निवासी विकास यादव, बिहार के रोहतास सुभाष नगर डेहरी निवासी संजीव तिवारी और न्यू एरिया डेहरी आनसोन निवासी धीरज कुमार हैं।
सभी ओडिशा, आंध्रप्रदेश आदि राज्यों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। ओडिशा के संभलपुर बौध से गांजा की बड़ी खेप लेकर डेहरी आनसोन के रास्ते चंदौली आ रहे थे। यही से अन्य जिलों को खेप भेजी जाती है। गिरफ्तार आरोपी धीरज ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया कि उसका एक गिरोह है, जो बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ (गांजा) की तस्करी करता है। सरगना वह खुद और उसका पार्टनर संजीव है।
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गांजा ओडिशा के सम्भलपुर बौध से सरोज और अशोक नमक की बोरिया के बीच में लोड कराया गया था, जिसे बिहार में डेहरी आनसोन जिला रोहतास के गांजा तस्कर बलराम पांडेय को देना था। बलराम पांडेय बिहार के अलावा पूर्वांचल के चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर में में फुटकर में गांजा की सप्लाई की जाती है। क्रेटा कार से पार्टनर संजीव के साथ ट्रक की पायलटिंग की जाती थी। कहीं पुलिस की चेकिंग होती थी तो सतर्क कर दिया जाता था।