जौनपुर। केराकत कोतवाली क्षेत्र के थानागद्दी चौकी अंतर्गत सोहनी गांव में हत्या कर फेंके गए युवक के शव की पहचान हो गई। युवक वाराणसी के पहड़िया का रहने वाला था। वह 20 मार्च की शाम से लापता था। आरोपियों ने शव ठिकाने लगाने के लिए युवक की गाड़ी का इस्तेमाल किया था।
आरोपी जौनपुर की सीमा में 34 मिनट तक रहे। इसकी पुष्टि वाराणसी मार्ग पर लगे सीसीसीटीवी कैमरे के फुटेज से हुई है। हालांकि पुलिस अभी तक घटना के कारण तक नही पहुंच पाई है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस कार्रवाई में जुटी है।
सोहनी गांव में मंगलवार की सुबह खेत में युवक का शव मिला था। युवक के शरीर पर ईंट से वार किए गए थे। पहचान छिपाने के लिए युवक के चेहरे पर भी वार किए गए थे। शव जलाने का भी प्रयास किया गया था। लेकिन, युवक के गले में सोने की चेन और हाथ में घड़ी मौजूद थी। लोग इस घटना को आशनाई से जोड़कर देख रहे थे।
सुबह खबर छपने के बाद वाराणसी के पहड़िया निवासी परिजन सुबह साढ़े नौ बजे केराकत कोतवाली पहुंच गए और शव की शिनाख्त बृजेश सिंह (42) के रूप में की। छोटे भाई कमलेश सिंह के मुताबिक, बृजेश सिंह (42) लान का संचालन करते थे। रविवार की दोपहर लान की बुकिंग के कारण वह रात को साढ़े आठ बजे स्कूटी से घर आए थे।
बताया कि लान से दो सौ मीटर की दूरी पर घर है। इसके बाद हमें फोन करके कार मंगाई और घर से निकल गए, फिर वापस नहीं आए। बताया कि गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए सोमवार की सुबह लालपुर थाने पर तहरीर दी गई थी। बृजेश को 15 वर्षीय बेटा और 10 साल की एक बेटी है।
पुलिस ने परिजनों को एक कार का फुटेज दिखाया, जिसे बृजेश के परिजनों ने अपना बताया। कार जनपद की सीमा में सोमवार की रात 12.10 बजे आई थी और 12.44 बजे वापस चली गई, यानी 34 मिनट में गाड़ी से शव को ठिकाने लगाने के बाद आरोपी वापस वाराणसी की सीमा में चले गए थे।
केराकत कोतवाल लक्ष्मण पर्वत ने बताया कि घटना स्थल सोहनी से वाराणसी जाने वाली सड़क पर लगे तीन सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल से पता चला कि घटना में वैगन आर कार का इस्तेमाल किया गया है। कार वाराणसी की तरफ से आई और 34 मिनट बाद लौट गई।