संघाई सहयोग संगठन ( एससीओ) के दो देशों के प्रतिनिधि मंगलवार की दोपहर रामनगर किला पहुंचे और उन्होंने किले का अवलोकन किया। हालांकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रामनगर की रामलीला देखना था लेकिन समयाभाव के चलते उन्होंने सिर्फ किले में काशीराज के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह द्वारा किये जा रहे शस्त्र पूजन को देखा और वापस चले गए। बता दें कि संघाई सहयोग संगठन ( एस सी ओ) की ओर से काशी को एक साल के लिए सांस्कृतिक व पर्यटन की राजधानी घोषित किया गया है। संगठन देशों के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान के क्रम में दो देशों के प्रतिनधि मंगलवार की दोपहर दो बजे रामनगर किला पहुंचे।
इनमें नई दिल्ली के कजाकिस्तान प्रथम सचिव अरदक ककिमझनोव और किर्गिस्तान की प्रथम सचिव मिस असेल अकमतकैली शामिल थी। उनका यहां पहुंचने पर पर्यटन विभाग के अधिकारियों और किले के अधिकारियों ने स्वागत किया। चूंकि उसी समय अनंत नारायण सिंह दशहरा पर्व के निमित्त शस्त्र पूजा पर बैठने जा रहे थे, लिहाजा दोनों सदस्यों ने किले का नजारा लिया और शस्त्र पूजा का विधि विधान देखा। इसके बाद वे वापस लौट गए। जबकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें रामनगर के लंका मैदान पर होने वाली रामलीला भी देखना था।
सजे-धजे हाथियों ने किया स्वागत
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मिली जानकारी के अनुसार इस दल में उज्बेकिस्तान के प्रतिनधि को भी शामिल होना था। वैसे इन तीनों देशों के प्रतिनिधियों को छह अक्टूबर तक काशी प्रवास करना है। बता दें कि एस सी ओ में भारत के साथ चीन, रूस, कजाकिस्तान,किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, उजबेकिस्तान और पाकिस्तान सदस्य हैं। आगामी एक साल तक इन देशों के प्रतिनिधियों का विभिन्न अवसरों पर काशी आने का कार्यक्रम तय किया गया है।