शहर की सफाई व्यवस्था की निगरानी से लेकर गृहकर, जलकर और सीवर का कर जमा करने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की जानी थी। इसके लिए नगर क्षेत्र के सभी 2.20 लाख घरों पर क्यूआर कोड लगाए जाने थे। मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने नगर निगम में क्यूआर कोड की शुरुआत की थी। अब तक मात्र 45 हजार भवनों पर ही क्यूआर कोड लगा है।
नगर निगम के कंप्यूटर सेल ने एक्सिस बैंक के सहयोग से क्यूआर कोड की व्यवस्था तैयार की है। बैंक नगर के सभी 2.20 लाख भवनों में निशुल्क क्यूआर कोड लगाने की सहमति जताई थी। इसके लिए भवन स्वामियों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। इस क्यूआर कोड के माध्यम से भवन स्वामी अपने भवन का गृह कर, जल कर, सीवर कर घर बैठे जमा कर सकता है। इसके अतिरिक्त क्यूआर कोड में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की निगरानी और दैनिक उपस्थिति की भी मॉनीटरिंग की जाएगी।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले कर्मचारी क्यूआर कोड स्कैन कर उस भवन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिससे यह पता चलेगा कि किस घर से कूड़े का उठान किया गया है। क्यूआर कोड लगाने का काम प्रथम चरण में भेलूपुर जोन से शुरू किया गया।
एक्सिस बैंक के प्रबंधक ने बताया कि शीघ्र ही सभी भवनों पर क्यूआर कोड लगाने का काम शुरू होगा। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही क्यूआर कोड लगवाने के लिए बैंक से संपर्क किया जाएगा।