जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में कर्मचारियों की कमी का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। अस्पताल के स्टाफ द्वारा सुबह से दोपहर तक स्टाफ द्वारा ऑनलाइन पर्ची काटी जाती है। दोपहर के समय कर्मचारियों के अनुपस्थित होने पर डॉक्टर खुद ही यह जिम्मेदारी निभाते हैं। इस दौरान कागज पर डॉक्टर मरीजों की जानकारियां नोट करते हैं। इसमें करीब 10 मिनट का समय लग जाता है।
इस दौरान मरीज इंतजार करते रहते हैं जबकि ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों को तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
इस बात की जानकारी नहीं थी। पर्ची काटने का काम स्टाफ को दिया जाएगा। इससे डॉक्टर इमरजेंसी में आए मरीजों का तुरंत इलाज करने के लिए उपलब्ध रह सकेंगे।
डॉ. दिग्विजय सिंह, सीएमएस।