जर्मनी के नाटककार बर्तोल्त बेख्त के नाटक बड़ा आदमी छोटा आदमी को बनारसी भाषा और अंदाज में देखकर दर्शक भी चहक उठे। हंसते-गुदगुदाते हुए कलाकारों के हर संवाद के जरिये दर्शकों को काम की बातें भी बताईं। नागरी नाटक मंडली के मंच पर नाटक ने अंत तक दर्शकों को बांधे रखा। बनारसी अंदाज के कारण हर किसी ने इसको सराहा।
शनिवार को बड़ा आदमी छोटा आदमी के मंचन में सभी पात्र बनारस के थे। नाटक में अमीर और मजदूर के बीच की खाई को दिखाया गया है। निर्देशक राजेंद्र सिंह ने ऐसा प्रयोग पहली बार किया है जिससे कि विदेशी कथाकारों की कहानियों को आमजन तक पहुंचाया जा सके। नाटक में यहां की बोली और बिरहा, नौटंकी, कजरी गीतों को भी शामिल किया गया था।