देवनाथपुर गांव स्थित सिवान स्थित एक मकान में घुसकर बुधवार की आधी रात तीन बदमाशों ने लूटपाट की। बदमाश घर की एक वृद्धा के कान से कर्णफूल नोच कर उसे लहूलुहान कर दिए। सूचना पाकर डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंची बड़ागांव थाने की पुलिस ने पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, यह चोरी की घटना है और इसमें परिवार का ही एक सदस्य शक के दायरे में है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
देवनाथपुर गांव निवासी बुजुर्ग फेकई सिंह करीब दो साल पहले बस्ती से दूर सिवान में अपना मकान बनवाए हैं। वहां वह अपनी पत्नी लाची सिंह के साथ रहते हैं। उनके दो बेटे बेचन सिंह और उमेश सिंह मुंबई में रहकर ऑटो चलाते हैं। बेचन का बेटा नैतिक भी गांव में ही अपने दादी के साथ रहता है। वृद्धा ने बताया कि बुधवार की मध्य रात्रि एक बाइक पर सवार तीन बदमाश मकान के समीप पहुंचे और उन लोगों ने नैतिक का नाम लेते हुए कहा कि तुम्हारी भैंस खूंटे से खुद को छुड़ा ली है। यह सुनकर नैतिक ने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खोलते ही तीनों लोग कमरे में प्रवेश कर गए।
आरोप है कि दो बदमाशों ने नैतिक और लाची देवी को असलहा सटा दिया और दोनों का मोबाइल छीन लिए। फिर एक बदमाश घर में जेवर और रुपये खंगालने लगा। बदमाशों द्वारा घर में रखे नकदी व गहनों के बारे में वृद्धा से पूछताछ की और फिर जान से मारने की धमकी दी। इससे डर कर वृद्धा ने बॉक्स में रखे गहनों के बारे में बता दिया। उसके बाद बदमाश बॉक्स ले लिए। जाते समय बदमाश वृद्धा के कान का कर्णफूल नोच लिए, जिससे उनका कान छिल गया। जाते समय बदमाशों ने कमरे के बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। बदमाशों के जाने के बाद लाची देवी ने खिड़की खोलकर शोर मचाना शुरू किया। मकान बस्ती से दूर होने के कारण बस्ती के लोगों को जब उनकी आवाज सुनाई दी तो वह वहां पहुंचे। उसके बाद लोगों ने दरवाजा खोला और पुलिस को सूचना दी। इस संबंध में बड़ागांव थानाध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना में परिवार के ही एक सदस्य की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।