आगरा, नोयडा और लखनऊ जैसी वॉकिंग सिटी की तर्ज पर महायोजना 2031 के अनुसार वाराणसी में विकास किया जा रहा है। सबसे पहले बाबतपुर और रिंग रोड के आसपास विकास कार्य कराए जाएंगे। इसमें होटल, मॉल, बस स्टैंड, इंटीग्रेटेड टाउनशिप आदि बनाए जाएंगे। यह जानकारी शनिवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के टाउन प्लानर मनोज कुमार ने दी। वाराणसी आर्किटेक्ट एसोसिएशन की ओर से छावनी क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मनोज कुमार ने महायोजना के बारे में पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। कहा कि 60 फीसदी से अधिक आबादी शहरी क्षेत्र में है। 2050 तक यह आबादी और बढ़ेगी। महायोजना में रोड, ट्रांसपोर्ट, बिजली, ड्रेनेज, पानी, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराने पर जोर है। शहर के विकास के लिए सबसे जरूरी है कि सड़क के लिए जमीन बचा के रखी जाए। वाराणसी के विकास में कुछ बाधाएं हैं जिनका समाधान निकालते हुए उन पर काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में जिले के 75 आर्किटेक्टों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आर्किटेक्ट पयस्वनी, सीपी चावला, आ. राजेश कुमार दीक्षित, हिमांशु श्रीवास्तव, अजय सिंह, शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।