श्री गणेशोत्सव सेवा समिति के डिजिटल मंच पर कलाकारों ने गणपति बप्पा केचरणों में संगीत की हर विधा से हाजिरी लगाई। स्वरांजलि के संगीतमय मंच पर गायन, वादन और नृत्य की सुमधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। रविवार को अलंकृता राय ने सबसे पहले मंच संभाला। उन्होंने रागश्री में विलंबित एकताल में निबद्ध बंदिश सांझ भई...से शुरुआत की। इसके उपरांत उन्होंने द्रुत तीन ताल में सांझ अब भई... के बाद दादरा और भजन की प्रस्तुति की। तबले पर अशेष नारायण मिश्र ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति में सिद्धार्थ बनर्जी की सिद्धवीणा के तार झंकृत हुए तो हर मन मयूर नाच उठा। उन्होंने राग पुनिया कल्याण में आलाप, जोड़, झाला, विलंबित और दु्रत बंदिश, भैरवी धुन तथा श्रीगणेश आरती का वादन किया। तीसरी प्रस्तुति में अपराजिता पटेल ने कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रचलित तीन ताल उठान, श्री गणेश वंदना, विलंबित लय में थाट, आमद, लड़ी, मध्य लय में टुकड़ा, चक्करदार परन, परमेलु की प्रस्तुतियां दीं। समापन उन्होंने श्रीगणेश भजन पर नृत्य से किया। इसके पूर्व प्रात:कालीन गणेश स्मरण का कार्यक्रम पं. अनंत घोडेकर ने संपन्न कराया। शाम को दस दिवसीय प्रवचन शृंखला में पं. जनार्दन शर्मा का श्रीगणेश पुराण पर प्रवचन हुआ। रात में प्रश्नमंच का भी आयोजन किया गया।