सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान जुड़े पीएफआई से
परवेज और रईस सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान दिसंबर 2019 में पीएफआई से जुड़े थे। दोनों के खिलाफ सीएए-एनआरसी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान चेतगंज थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। सितंबर 2022 में पीएफआई के तीन सदस्यों के पकड़े जाने के बाद आदमपुर और लोहता थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों जेल भी जा चुके हैं। एटीएस के अनुसार, परवेज और रईस पीएफआई के सक्रिय नेताओं के संपर्क में थे। दोनों यूपी के अलावा दिल्ली, असम और केरल में होने वाली पीएफआई की बैठकों में शामिल होकर प्रशिक्षण प्राप्त करते थे। इसके बाद वाराणसी और आसपास के जिलों में पीएफआई के कैडर विस्तार के लिए मुस्लिम युवाओं को प्रेरित करते थे। इसके अलावा दोनों पीएफआई से जुड़े साहित्य व अन्य सामग्री का प्रचार-प्रसार और वितरण भी करते थे। लोहता क्षेत्र के अलावल से अब्दुल्ला की गिरफ्तारी के बाद दोनों लोकेशन बदल कर भूमिगत रह रहे थे।
आठ माह में पीएफआई के पांच सदस्य गिरफ्तार
बीते आठ महीने में पीएफआई के पांच सदस्य वाराणसी से गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सितंबर 2022 में सबसे पहले आदमपुर और जैतपुरा क्षेत्र से साड़ी तैयार करने का काम करने वाले शाहिद और रिजवान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सितंबर महीने में ही लोहता क्षेत्र के अलावल से अब्दुल्ला सऊद अंसारी गिरफ्तार किया गया था। अब परवेज और रईस को गिरफ्तार किया गया है।