रमना में संचालित वेस्ट टू चारकोल प्लांट का सोमवार को नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने निरीक्षण किया। मई के अंत से यहां पर 450 मीट्रिक टन कोयले का निर्माण शुरू हो जाएगा। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इसका निर्माण कराया जा रहा है। इस प्लांट की क्षमता 800 मीट्रिक टन प्रतिदिन की है।
यहां शहर से निकलने वाले कूड़े से कोयला बनाया जाएगा। इस प्रकार का प्लांट देश में पहला है। नगर आयुक्त के तकनीकी निरीक्षण के दौरान बताया गया कि प्लांट ट्रायल बेस पर अभी चलाया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि मई के अंत तक 800 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण शुरू कर दिया जाएगा। प्रतिदिन लगभग 450 मीट्रिक टन कोयले का निर्माण किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि मई 2024 के अंत तक प्रत्येक दशा मेें प्लांट का संचालन पूरी क्षमता के साथ किया जाए। वर्तमान में नगर में प्रतिदिन लगभग एक हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकल रहा है। इसमें करसड़ा में 600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। रमना प्लांट की पूरी क्षमता के साथ संचालन होने पर संपूर्ण कूड़े का निस्तारण आसानी के साथ हो सकेगा।
इसके बाद नगर आयुक्त ने रमना में ही सेनेटरी लैंडफिल साइट (एसएलएफ) के लिए भूमि चयन का निरीक्षण किया। यहां कूड़े की प्रोसेसिंग का कार्य किया जाएगा। निरीक्षण के समय अपर नगर आयुक्त दुष्यंत कुमार मौर्य, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, वाराणसी वेस्ट सोल्यूशन के प्रोजेक्ट मैनेजर अनुज भाटी मौजूद रहे।