तीन महीने के संचालन के बाद कोच बढ़ाने पर निर्णय
वंदेभारत ट्रेन का संचालन शुरू होने के बाद रेलवे बोर्ड यात्री भार की समीक्षा करेगा। जरूरत महसूस हुई तो कोच बढ़ाकर 12 या 16 किए जा सकते हैं। इस रूट पर 150-160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन के संचालन की योजना है। फिलहाल स्पीड पर भी निर्णय ट्रायल के बाद लिया जाएगा। अभी तक वाराणसी से हावड़ा का सफर एक्सप्रेस ट्रेनों से 12 से 13 घंटे का है। मगर, वंंदे भारत एक्सप्रेस अपने यात्रियों को छह से साढ़े छह घंटे में वाराणसी से हावड़ा पहुंचा देगी। बनारस-हावड़ा की दूरी लगभग 750 किमी है।
पर्यटन और व्यापारिक नजरिये से महत्वपूर्ण होगी यह ट्रेन
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी के अनुसार बनारस-हावड़ा के बीच वंदे भारत ट्रेन के संचालन से व्यापारियों और उद्यमियों को बहुत राहत होगी। हावड़ा एक बड़ा व्यावसायिक हब है। ऐसे में वाराणसी के व्यापार उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी। व्यापारियों व उद्यमियों का समय बचेगा और व्यापार ज्यादा सुगम हो जाएगा।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता का कहना है कि इस ट्रेन के चलने से पर्यटन कारोबार भी काफी बढ़ेगा। छह घंटे में बनारस के पर्यटक हावड़ा और हावड़ा के पर्यटक बनारस पहुंच सकेंगे। दोनों शहरों के अलावा बिहार और झारखंड के पर्यटकों को भी राहत होगी।
यह भी जानें
वाराणसी कैंट से हावड़ा के बीच अभी तक आधा दर्जन ट्रेनें रोजाना आवागमन करती हैं। जबकि पीडीडीयूनगर स्टेशन से हावड़ा के बीच 28 से 30 ट्रेनें रोजाना अप डाउन करती हैं। दीनदयाल नगर से गुजरने वाली दुरंतो और राजधानी एक्सप्रेस औसतन 8.30 घंटे में हावड़ा पहुंचती है। वाराणसी से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेन इस सफर को 12 घंटे में पूरा कर रही हैं।