अपना दिल पेश करूं, अपनी वफा पेश करूं कुछ समझ में नहीं आता तुझे क्या पेश करूं... जो तेरे दिल को लुभाए वो अदा मुझ में नहीं क्यों न तुझको कोई तेरी ही अदा पेश करूं...। साहिर लुधियानवी की ये पंक्तियां वेलेंटाइन डे पर युवाओं की मनोदशा को व्यक्त कर रही थीं।
प्रेम दीवानों की इस उलझन को दूर किया गुलाब के फूल ने। बिना कुछ कहे एक फूल के जरिये प्यार का पैगाम दिया गया। प्रेमी युगलों के साथ ही शादीशुदा जोड़ों ने इसे मनाया। घाट से लेकर मंदिर, मॉल से लेकर मल्टीप्लेक्स और सोशल मीडिया तक पर प्रेम दीवाने खुश दिखे। गंगा उस पार भी युवा जोड़ियां पहुंचीं।
एक-दूसरे के साथ बिताए अब तक की खूबसूरत पलों को याद किया। साथ रहने की कसम ली। दोनों ने एक दूसरे को हमेशा खुश रखने का वादा किया। - नमिता और अमरेंद्र तिवारी
अरेंज मैरिज हुई है। बावजूद केमिस्ट्री लव मैरिज जैसी है। आगे भी इसे बरकरार रखने की कोशिश रहेगी। - संतोष और सुधा
हमारे लिए रोज वेलेंटाइन डे है। हम जिससे प्यार करते हैं उससे रोज इजहार कर सकते हैं। - श्रेया व संतोष