वाराणसी। सुखपाल पर गुंसाई विट्ठलनाथ की छवि विराजमान थी। शहनाई की मंगल धुन पर केसरिया परिधान धारण किए वैष्णवजन सुखपाल को कंधे पर लिए जयकारे लगाते चल रहे थे। रास्ते भर भगवान की छवि निहारने और दर्शन करने की श्रद्धालुओं में होड़ मची थी। मौका था गुंसाई विठ्ठलनाथ के 509वें प्राकट्य महोत्सव का। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
बृहस्पतिवार को षष्ठपीठ गोपाल मंदिर से गाजे बाजे के साथ चरणाटधाम (चुनार) के लिए शोभायात्रा निकाली गई। प्रियेंदु बाबा के नेतृत्व में शहनाई की मंगल धुन के साथ गुंसाई विट्ठलनाथ की छवि सुखपाल पर विराजमान कराई गई। मंदिर की परिक्रमा की गई। फिर मुकुंद गोपाल प्रभु के दर्शन हुए। इसके बाद मंदिर के षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज ने शोभायात्रा की शुरुआत की। इसके बाद पैदल ही वैष्णवजन सुखपाल पर गुंसाई विट्ठलनाथ की छवि लिए महाप्रभु के जयकारे लगाते और भजन-कीर्तन करते उनकी जन्मस्थली चरणाटधाम के लिए रवाना हुए। शोभायात्रा चौखंभा, ठठेरी बाजार, चौक, गोदौलिया, रथयात्रा, महमूरगंज, बच्छांव, अदलहाट होते हुए देर शाम चरणाटधाम पहुंची। गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज ने बताया कि शुक्रवार को गुंसाई विट्ठलनाथ जी का प्राकट्य महोत्सव मनाया जाएगा। छह जनवरी को नंदोत्सव और सात जनवरी को नारायण सेवा के तहत स्वास्थ्य शिविर और भंडारा होगा। शोभायात्रा में राजेश अग्रवाल, अतुल शाह, मनोज मुनीमवाले, बृजकिशोर किनारीवाला, गणेशदास, प्रदीप अग्रवाल, अजय कृष्ण अग्रवाल, राममोहन दास गुप्ता आदि शामिल रहे।