दांतों में सड़न और रूट कैनाल के बाद होने वाले संक्रमण के इलाज में बैक्टीरियोफेज का प्रयोग करने से अब राहत मिलेगी। आईएमएस बीएचयू में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों को सफलता मिली। माइक्रोबायोलॉजी लैब के पूर्व प्रभारी प्रो. गोपाल नाथ के साथ ही दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के पूर्व प्रमुख प्रो.विनय कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन वाली टीम ने शोध किया है। प्रो. गोपाल नाथ का कहना है कि आमतौर पर रूट कैनाल के बाद होने वाले संक्रमण के उपचार के लिए जिस दवा का उपयोग होता है, उससे बहुत से ऐसे वायरस भी मर जाते हैं, जो दांतों को मजबूत रखने में सहायक होते हैं। ऐसे में बैक्टीरियोफेज के प्रयोग से केवल बीमारी को बढ़ावा देने वाले वायरस ही मरेंगे। बताया कि शोध कार्य में डॉ. अल्का शुक्ला, दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय से पूर्व प्रमुख प्रो.विनय श्रीवास्तव के निर्देशन में डॉ.मीनाक्षी चंदेल भी शामिल हैं। प्रो.गोपालनाथ ने विचार रखे।