वाराणसी। उर्दू बीटीसी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रविवार को विश्व उर्दू दिवस पर मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में जश्न-ए-उर्दू पर गोष्ठी हुई। मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय सहायक निदेशक डॉ. मोहम्मद शमसुद्दीन ने कहा कि उर्दू प्रेम व राष्ट्रीय एकता की भाषा है। सबको मिलकर उर्दू की उन्नति के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से उर्दू पढ़ाएं। उर्दू अखबार और पत्रिकाएं पढ़ने को दें। डॉ. रेशमा खातून ने कहा कि उर्दू हिंदुस्तान की जुबान है। उर्दू की पहली गजल एक हिंदू कश्मीरी पंडित ने लिखी थी। इस मौके पर शायर दिल खैराबादी ने बेहतरीन गजलों व नज्मों से सभी का दिल जीत लिया। इस दौरान डॉ. शमसुद्दीन, डॉ. रेशमा खातून, दिल खैराबादी, आमिर शौकी, उसैद अहमद को अल्लामा इकबाल मेमोरियल अवार्ड 2023 से नवाजा गया। संचालन अब्दुर्रहमान, स्वागत जफर अंसारी और धन्यवाद ज्ञापन एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक ने किया। इस मौके पर शहनवाज खान, अली इमाम, बेबी फातिमा, जफर अंसारी, महबूब आलम, इशरत उस्मानी आदि रहे।