शिशिर सिंह का सिविल सेवा में चयन
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एएसडीएम शिशिर चौथे प्रयास में हुए सफल
देश में 16वीं रैंक पाकर शिशिर सिंह ने आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया है। बलिया के हरपुर निवासी सिंहासन सिंह और कमलेश सिंह के बेटे शिशिर इस समय वाराणसी में अपर उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। आईआईटी धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके शिशिर ने बताया कि चौथे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने सफलता का मंत्र भी दिया और कहा कि अगर दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी कार्य किया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है। इसकी जो खुशी होती है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है।
अमृतेश शुक्ला ने बढ़ाया काशी का मान
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अमृतेश शुक्ला ने बढ़ाया काशी का मान
काशी की जानी मानी सीए जमुना शुक्ला और ओमप्रकाश शुक्ला के बेटे अमृतेश शुक्ला ने भी यूपीएससी परीक्षा में 324वीं रैंक प्राप्त किया है। 2019 में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके अमृतेश की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने बताया कि दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। आईएएस बनने का जो सपना देखा था, उसको पूरा करने के बाद बहुत खुशी हो रही है। अमृतेश इस समय एक अमेरिका की कंपनी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम कर रहे हैं।
591 वी रैंक पाने वाले शिवम गुप्ता
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लहरतारा के शिवम को मिली 591वीं रैंक
यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में लहरतारा के अमलानगर काॅलोनी निवासी शिवम ने 591वीं रैंक हासिल की है। सनबीम लहरतारा से बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद शिवम ने एनआईटी हमीरपुर हिमाचल प्रदेश से इंजीनियरिंग किया। इसके बाद बंगलूरू में मल्टीनेशनल कंपनी में काम किया। वर्ष 2021 में पीसीएस की परीक्षा पास की, फिर यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। शिवम ने बताया कि जो रैंक मिली है, उसके आधार पर आईपीएस बनने का मौका मिल सकता है। शिवम के पिता मनमोहन गुप्ता अधिवक्ता हैं। मां गीता देवी गृहिणी हैं। परिणाम आने के बाद सनबीम लहरतारा के शिक्षकों ने शिवम को बधाई दी और विद्यार्थियों के साथ केक काटकर उनकी सफलता का जश्न मनाया। चेयरमैन डॉ. दीपक मधोक व निदेशक भारती मधोक ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है। काशी का मान-सम्मान बढ़ा है