बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार सुबह एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों ने भी लापरवाही के विरोध में नारेबाजी कर दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझाबुझाकर मामला शांत कराया। झारखंड निवासी बृजेश पाठक अपनी पत्नी रीता देवी (52) को लेकर शनिवार शाम को बीएचयू में इलाज कराने पहुंचे। बताया कि 500 किलोमीटर की दूरी तय कर बेहतर इलाज के आस में यहां आए थे। इमरजेंसी में आने पर बताया गया कि पत्नी के शरीर में हीमोग्लोबीन की कमी है। इसके बाद ब्लड बैंक जाकर ब्लड डोनेट किया। बृजेश ने आरोप लगाया कि यहां आने के बाद पत्नी को काफी देर तक किसी चिकित्सक ने देखा ही नहीं, इस वजह से पत्नी की जान चली गई। मौत होने के बाद डॉक्टरों ने ईसीजी की जांच कराने को कहा। जब डेथ सर्टिफिकेट की मांग करने गए तो चिकित्सकों ने दुर्व्यवहार किया। काफी मिन्नत करने के बाद किसी तरह प्रोविजनल डेथ सर्टिफिकेट दिया गया।