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यूपीपीएससी : कोर्ट से अंजू कटियार को लगा झटका, जमानत अर्जी हुई खारिज

Thu, 06 Jun 2019 07:00 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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आरोपी अंजू कटियार (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला
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यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड परीक्षा-2018 के पेपर लीक मामले में जेल में बंद परीक्षा नियंत्रक अंजूलता कटियार की जमानत अर्जी पर अदालत ने सुनवाई की। इस मामले में आरोपी अंजू को कोर्ट से झटका लगा है।

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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण रामचंद्र की अदालत ने कहा कि अंजूलता का अपराध में संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य का मामला होने के कारण अपराध गंभीर प्रकृति का है। इस स्तर पर जमानत स्वीकार किए जाने से अग्रिम विवेचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी परीक्षा नियंत्रक अंजूलता कटियार की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

ये है मामला : 
29 जुलाई 2018 को बनारस में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिंदी और सामाजिक विज्ञान का पेपर आउट हुआ था। कोलकाता निवासी अशोक देव चौधरी से पश्चिम बंगाल सीआईडी को मिली इस जानकारी के आधार पर यूपी एसटीएफ ने जांच शुरू की थी। अशोक की सूचना पर 27 मई को कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को एसटीएफ ने चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
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कौशिक ने बताया कि एलटी ग्रेड परीक्षा के पेपर उसके प्रेस में छपे थे और प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये लेकर उसने 28 जुलाई 2018 को सॉल्वर गैंग के पास बनारस भिजवाया था। कौशिक ने यह भी बताया कि इस काम में अंजू की मिलीभगत थी और इसके बदले में उसने उन्हें 26 मई को 10 लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा जब भी लोक सेवा आयोग के पेपर छपते थे तो मिलने वाली धनराशि में वह 5 प्रतिशत कमीशन अंजू को देता था। इस आधार पर चोलापुर थाने में अंजू सहित नौ के खिलाफ केस दर्ज कर कौशिक को जेल भेज दिया गया। इसके बाद अंजूलता कटियार ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अदालत में जमानत अर्जी दायर की थी।

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