उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की एलटी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में जेल में बंद अंजू कटियार की मुश्किलें और बढ़ गई है। पुलिस ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में पेश किया गया।
अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोपी अंजू कटियार की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की अपील की, इसे कोर्ट स्वीकार करते हुए अंजू कटियार की 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ा दी। इस दौरान अंजू को जिला कारागार भेज दिया गया।
ये है मामला :
29 जुलाई 2018 को बनारस में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिंदी और सामाजिक विज्ञान का पेपर आउट हुआ था। कोलकाता निवासी अशोक देव चौधरी से पश्चिम बंगाल सीआईडी को मिली इस जानकारी के आधार पर यूपी एसटीएफ ने जांच शुरू की थी। अशोक की सूचना पर 27 मई को कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को एसटीएफ ने चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
कौशिक ने बताया कि एलटी ग्रेड परीक्षा के पेपर उसके प्रेस में छपे थे और प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये लेकर उसने 28 जुलाई 2018 को सॉल्वर गैंग के पास बनारस भिजवाया था। कौशिक ने यह भी बताया कि इस काम में अंजू की मिलीभगत थी और इसके बदले में उसने उन्हें 26 मई को 10 लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा जब भी लोक सेवा आयोग के पेपर छपते थे तो मिलने वाली धनराशि में वह 5 प्रतिशत कमीशन अंजू को देता था। इस आधार पर चोलापुर थाने में अंजू सहित नौ के खिलाफ केस दर्ज कर कौशिक को जेल भेज दिया गया। इसके बाद अंजूलता कटियार ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अदालत में जमानत अर्जी दायर की थी।