वाराणसी। पूर्वाम्नाय श्री दक्षिणामूर्ति मठ अस्सी में भाद्रपद पूर्णिमा पर शनिवार को सीमोल्लंघन कार्यक्रम हुआ। श्रावण और भाद्रपद मास में आयोजित चातुर्मास्य के अंत का प्रतीक है। दंडी संन्यासी स्वामी वनवैभवारण्य सरस्वती के सान्निध्य में चातुर्मास व्रत उपासक दंडी स्वामी और वानप्रस्थी संत हेमचंद्र झा आदि संत व भक्तों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर शाम को काशी की सीमा का उल्लंघन किया। उन्होंने सड़क मार्ग से गंगा नदी को पार किया। वे रामनगर के प्रसिद्ध रामलीला मैदान स्थल होते हुए कुछ दूर आगे तक गए। वापसी के क्रम में मनसा देवी मंदिर में पूजा अर्चना की। वापस अस्सी पहुंचने पर जगन्नाथ मंदिर जाकर जगन्नाथ महाप्रभु के दर्शन किए। संवाद