उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा इस बार मात्र 17 दिन चलेगी। परिषद भले ही सबसे कम समय में परीक्षा पूरी करा लेगा, लेकिन इससे छात्रों को काफी दिक्कत होगी। विज्ञान वर्ग के परीक्षार्थियों को थोड़ी राहत मिली है, मगर कॉमर्स व कला वर्ग के परीक्षार्थियों को गैप नहीं मिलने से उन्हें विषयों को दोहराने का मौका नहीं मिलगा। कई परीक्षार्थियों को दोनों पाली में परीक्षा देनी होगी। इसे वह चिंतित हैं। हाईस्कूल व इंटर विज्ञान वर्ग के 5 व 6 विषयों की परीक्षा में विद्यार्थियों को 7 से 9 दिन का गैप है। इससे उन्हें दोहराने का भरपूर मौका मिलेगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने गुरुवार को 22 फरवरी से नौ मार्च तक बोर्ड परीक्षा कराने की तिथि घोषित की है। समय सारिणी में कई विद्यार्थियों की परीक्षा एक ही दिन दोनों पाली में है। हाईस्कूल कॉमर्स के परीक्षार्थियों की परीक्षा पहले ही दिन दोनों पाली में है। जबकि इंटर कॉमर्स की परीक्षा लगातार है। इंटर में ही संगीत व अंग्रेजी, अर्थशास्त्र व चित्रकला जबकि कंप्यूटर और मनोविज्ञान की परीक्षा भी दोनों पाली में है। इंटर में मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, भूगोल, इतिहास और समाजशास्त्र की परीक्षा लगातार है। जबकि हाईस्कूल में भी अंग्रेजी, कंप्यूटर, चित्रकला और सामाजिक विज्ञान की परीक्षा लगातार है। विषय की बाध्यता खत्म होने से अब ज्यादा विद्यार्थियों की परीक्षाएं लगातार व दोनों पालियों में हैं। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आर्य महिला इंटर कॉलेज की रियांशी केशरी ने बताया कि उनकी दोनों पाली में परीक्षा है। कक्षा 12 की आर्या गुप्ता, नीशू वर्मा, शुभि मिश्रा, कक्षा 10 की समृद्धि चौरसिया भी लगातार पेपर होने से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि और समय मिलना चाहिए था। कम समय मिलने से विषयों को दोहराने का मौका कम मिलेगा। राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव एवं आर्य महिला इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या प्रतिभा यादव ने बताया कि तैयारी में कम समय मिलने से नंबर प्रभावित होंगे।
बढ़ गया है 30 मिनट समय
पहली पाली में 30 मिनट बढ़ाए जाने से छात्रों को राहत मिलेगी। पहले सुबह आठ बजे से ही परीक्षा होती थी। अब सुबह 8.30 से 11.45 बजे तक होगी। दूसरी पाली दो से 5.15 बजे तक होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव विनोद राय ने बताया कि कम समय मिलने से कुछ परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट जाती थी। इसे देखते हुए समय बढ़ाया गया है।
परीक्षा पर लोकसभा चुनाव का असर
यूपी बोर्ड की परीक्षा पर इस बार अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव का असर दिख रहा है। सूत्रों की मानें तो आचार संहिता लगने के पूर्व परीक्षा कराने के दबाव के चलते बोर्ड ने परीक्षाओं के बीच कम समय दिया है।