बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान में शुक्रवार को विश्व मृदा दिवस मनाया गया। स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ शहर की थीम पर शहरी क्षेत्रों में मिट्टी के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्स्थापन की जरूरत पर बात हुई। सेमिनार हॉल में मुख्य अतिथि डॉ. रवि सिंह (आईएफएस) ने शहरी मिट्टी के तेजी से हो रहे क्षरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अनियोजित विकास, अपशिष्ट निपटान और औद्योगिक गतिविधियों से मिट्टी की गुणवत्ता अत्यधिक प्रभावित हो रही है। उन्होंने मियावाकी वनरोपण मॉडल को शहरी क्षेत्रों में पुनर्जीवित करने का तरीका बताया। मृदा वैज्ञानिक प्रो. जे. यादव, प्रो. एन. डे, डीन प्रो. यूपी सिंह और अनिल सिंह मौजूद रहे।