रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के निजीकरण को लेकर समय-समय पर उठ रहे मुद्दों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे के निजीकरण का सवाल ही नहीं। रेलवे बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को उनकी योग्यता के आधार पर प्रमोशन देगी। यह बातें उन्होंने काशी और बनारस रेलवे स्टेशन पर हुई अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कहीं।
काशी रेलवे स्टेशन पर बंद कमरे में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान हर प्रोजेक्ट में यंगस्टर को शामिल करने को कहा, ताकि वे आधुनिक सोच व उत्साह के साथ लंबे समय तक प्रोजेक्ट से जुड़े रहेे। इससे रेलवे को भी लाभ होगा। उन्होंने काशी के रि-डेवलपमेंट कार्य में सभी डिवीजन से ज्यादा से ज्यादा यंगस्टर को शामिल करने को कहा।
इसके बाद बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम के बाद बनारस स्टेशन पहुंचे। जहां वीआईपी लाउंज में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा। अच्छा काम करने योग्य अधिकारियों-कर्मचारियों को उनकी योग्यता के आधार पर महत्वपूर्ण पदों पर आगे किया जाएगा। रेल मंत्री ने आईआरएमएस को लेकर सरकार और मंत्रालय का नजरिया भी स्पष्ट किया। कहा कि सभी को अब एक ही कैडर में रखा जाएगा।
अब हर महीने दस वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन बनाने की तैयारी है। साथ ही ट्रेन में स्लीपर कोच के भी प्रावधान किए जाएंगे। यह जानकारी काशी रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान बातचीत में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। उन्होंने कहा कि देशभर में वंदेभारत एक्सप्रेस चलाने की योजना है। अभी हम 300 और वंदेभारत एक्सप्रेस तैयार कर रहे हैं। प
हले दो वंदेभारत हर महीने तैयार की जाती थी। लेकिन, अब हर माह चार बनाई जा रही है। बहुत जल्द हम हर महीने दस वंदेभारत एक्सप्रेस तैयार करेंगे, जो रायबरेली, लातूर और कपूरथला में भी तैयार की जाएगी। इसी सिलसिले में मैं रायबरेली निरीक्षण भी करने जा रहा हूं। भविष्य में एक और वंदेभारत ट्रेन वाराणसी से चलाई जाएगी।