वाराणसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय समाली मित्तल की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में बजरंग नगर लोहता निवासी परमेश्वर प्रसाद चौबे को दोषी पाते हुए दो साल की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्त को चेक की मूल धनराशि 10 लाख रुपये के साथ उस पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से परिवादी को देने का आदेश दिया है। चिलबिला बड़ागांव निवासी संतोष कुमार मिश्रा ने परिवाद में कहा कि वादी और अभियुक्त रिश्तेदार हैं। पूर्व में एक-दूसरे के सुख-दुख में सहयोग करते रहे हैं। अभियुक्त ने अपनी निजी और आर्थिक आवश्यकताओं के लिए वादी से 10 लाख रुपये उधार लिए थे। छह महीने में धनराशि वापस करने का आश्वासन दिया था। विश्वास दिलाने के लिए अभियुक्त ने वादी को 10 लाख रुपये का एक चेक भी दिया था। परिवादी के अनुसार, तीन महीने बाद अभियुक्त ने चेक वापस ले लिया और कहा कि वह महीने बाद पूरी धनराशि लौटा देगा। हालांकि, समय बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं की। इसके बाद विश्वास दिलाते हुए अभियुक्त ने फिर से 10 लाख का अन्य चेक दिया। जब परिवादी ने चेक को बैंक में डाला तो वह बाउंस हो गया। परिवादी ने कई बार अभियुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया और विधिक नोटिस भी भेजा। लेकिन अभियुक्त की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद वादी ने न्यायालय में परिवाद दाखिल कर अभियुक्त पर कार्रवाई की मांग की। ब्यूरो