कैंट रेलवे स्टेशन से रोजाना लगभग 70 मालगाड़ियां गुजरती हैं। इनमें ज्यादातर शिवपुर की ओर से आती हैं, जो कैंट रेलवे स्टेशन से होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के लिए जाती हैं। इन मालगाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर पांच, छह, सात, आठ और नौ से भेजा जाता है। कई बार मालगाड़ियों के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों को यार्ड में रोकना पड़ता है।
कैंट रेलवे स्टेशन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक दो और रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इन रेेलवे लाइनों के बनने के बाद उन्हीं से सभी मालगाड़ियां चलाई जाएंगी। हालांकि इस समय कैंट से चौकाघाट तक रेलवे लाइन बिछाने का काम चल रहा है।
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कैंट रेलवे स्टेशन से रोजाना लगभग 70 मालगाड़ियां गुजरती हैं। इनमें ज्यादातर शिवपुर की ओर से आती हैं, जो कैंट रेलवे स्टेशन से होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के लिए जाती हैं। इन मालगाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर पांच, छह, सात, आठ और नौ से भेजा जाता है। कई बार मालगाड़ियों के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों को यार्ड में रोकना पड़ता है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे संज्ञान में लेते हुए रेलवे ने कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर पंडित दीनदयाल जंक्शन तक दो और रेलवे लाइन बिछाने का निर्णय लिया है। इससे अब चार लाइनें हो जाएंगी। यह कार्य काशी रेलवे स्टेशन पर पुल बनाए जाने के बाद किया जाएगा। पहले चरण में कैंट स्टेशन से चौका घाट के पास तक एक नई लाइन बिछाई जा रही है। इस कार्य को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है।
भविष्य में कैंट रेलवे स्टेशन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक मालगाड़ियों के लिए दो और लाइनें बिछाई जाएंगी। हालांकि इस समय मालगाड़ियों के परिचालन में और सुधार करने के लिए कैंट स्टेशन से एक गुड्स बाईपास लाइन बिछाई जा रही है। - गौरव दीक्षित, निदेशक कैंट रेलवे स्टेशन