वाराणसी में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में 30 मेधावियों को 56 मेडल मिलेंगे। इनमें टुम्पा को सबसे ज्यादा सात तो प्रजवल और हर्ष को पांच- पांच स्वर्ण पदक मिलेंगे।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 42वें दीक्षांत समारोह में 30 मेधावियों को 56 स्वर्ण पदक मिलेंगे। इसमें सबसे ज्यादा पदक आचार्य में निंबार्कवेदांत की छात्रा टुम्पा राय को सात पदक और शुक्लयजुर्वेद के प्रजवल व हर्ष को पांच-पांच स्वर्ण पदक से नवाजा जाएगा। मेधावियों की अंतिम सूची बृहस्पतिवार को जारी हो गई। तीन दिनों के बाद भी अनंतिम सूची पर किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
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संस्कृत विश्वविद्यालय का 42वां दीक्षांत समारोह 26 सितंबर को मुख्य भवन में होगा। समारोह में राज्यपाल व विवि की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मेधावियों को मेडल प्रदान करेंगी। समारोह के मुख्य अतिथि नैक के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे दीक्षांत भाषण देंगे। विश्वविद्यालय के कुल 63 विषयों में से पांच विषयों में मेडल को स्थगित किया गया है। वहीं, आयुर्वेदाचार्य के मेधावियों के भी नाम घोषित नहीं किए गए हैं।
इस बार विश्वविद्यालय की ओर 17 संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक अलग-अलग विषयों में प्रदान किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुधाकर मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर किसी ने भी दीक्षांत की अनंतिम सूची पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। मेधावियों की फाइनल सूची जारी कर इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
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मेधावी और मेडल
टुम्पा राय :निम्बार्कवेदांत : डॉ. गंगानाथ झा स्वर्ण पदक, रिपन स्वर्ण पदक, चंद्रशेखर शास्त्री वैकुंठनाथ शास्त्री स्वर्ण पदक, सवाई माधोसिंह रजत पदक, अन्नदा प्रसाद मुखर्जी स्वर्ण पदक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, महाराजा विभूति नारायण सिंह स्वर्ण पदक प्रजवल : शुक्लयजुर्वेद : स्वामी धर्मानंद सुवर्ण पदक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, डॉ. निगम शर्मा स्वर्ण पदक, महामंडलेश्वर पवहारी श्री स्वामी बालकृष्णयतिजी महाराज स्वर्ण पदक, सेठ जानकी प्रसाद पोद्दार स्वर्ण पदक हर्ष पांडेय: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, पं. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्वर्ण पदक, महामंडलेश्वर पवहारी श्री स्वामी बालकृष्णयतिजी महाराज स्वर्ण पदक, श्री विमल कुमार पोद्दार स्वर्ण पदक, महंत रामेश्वरपुरी स्वर्ण पदक सृष्टि दुबे : म.म. नारायण शास्त्री खिस्ते स्वर्ण पदक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, महामंडलेश्वर पवहारी श्री स्वामी बालकृष्णयतिजी महाराज स्वर्ण पदक, पं. महादेव उपाध्याय स्वर्ण पदक, मनिंद्रा भगवंत कुलकर्णी : गंगामणि स्वर्ण पदक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, श्रीरामजी लाल शास्त्री स्वर्ण पदक तारा प्रसाद दुबे : महाराजा कर्ण सिंह स्वर्ण पदक, श्री स्वामी कृष्णानंद महामंडलेश्वर स्वर्ण पदक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, नूतन विष्णु रेग्मी : रामकुंवर बांगड़ स्वर्ण पदक, श्री चंदन बहिन माधोसिंह परमार स्वर्ण पदक, श्री स्वामी माधवाचार्य स्वर्ण पदक, अमित कुमार पांडेय : ऋषिकेश स्वर्ण पदक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, रामचंद्र : श्री विवेकानंद स्वर्ण पदक, महामंडलेश्वर पवहारी श्री स्वामी बालकृष्णयतिजी महाराज स्वर्ण पदक जैन अभय महेश : भगवानदास शोभालाल जैन स्वर्ण पदक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, रामप्रसाद भंडारी : म.म. नारायण शास्त्री खिस्ते स्वर्ण पदक, कुलदीप : शेषमठ राम प्रपन्नाचार्य स्वर्ण पदक सुंदरम श्रोत्रिय: राम प्रताप शास्त्री स्वर्ण पदक धर्मजय भगत : काशिराज कांस्य पदक अंकित शर्मा : वक्रतुंड शुक्ल स्वर्ण पदक आशीष मिश्र : कैप्टन उमाकांत शुक्ल स्वर्ण पदक,
सुनीता देवी, आराधना देवी, रूपचंद्र पांडेय, लक्ष्मण न्यौपाने, विश्रुत द्विवेदी, सोनम नेरबू, नागेंद्र द्विवेदी, विनीत कुमार शुक्ला व रचना मिश्रा : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
स्वर्ण पदक
आंचल : श्रीमती मन्नीदेवी मिश्रा स्वर्ण पदक रवि : डाॅ. इंदुनाथ शर्मा स्वर्ण पदक विजय प्रकाश मिश्रा : श्रीमती शशिकला शर्मा स्वर्ण पदक अंकिता गौड़ : पूर्व मध्यमा : श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक कृति पांडेय : श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक