वाराणसी में वाहनों के प्रदूषण जांच में खेल करने वाले तीन केंद्रों को परिवहन विभाग ने नोटिस जारी किया है। इसमें वाहनों के मौके पर जाए बिना ही केंद्र संचालक द्वारा प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। इससे पहले 28 जुलाई 2021 को अमर उजाला ने पेज पांच पर कागजों में प्रदूषण जांच, वाहन उगल रहे जहर शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस खेल का खुलासा किया था।
अमर उजाला की खबर के बाद एआरटीओ प्रशासन सर्वेश कुमार चतुर्वेदी ने संभागीय निरीक्षक सिद्धु कुमार को प्रदूषण जांच केंद्रों की जांच सौंपी थी। जांच में मेसर्स साईं समाज कल्याण सेवा, मेसर्स मां प्रभावती समाज कल्याण सेवा समिति और मेसर्स हीरावती समाज कल्याण सेवा समिति को दोषी पाया गया है। तीनों केंद्रों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
बता दें कि जिले में प्रदूषण जांच करने वाले 52 केंद्र परिवहन विभाग की ओर से अधिकृत हैं। हजारों वाहनों को हर दिन प्रदूषण जांच कराने की जरूरत होती है। कारण, प्रति छह महीने में प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करना आवश्यक होता है। मगर, ज्यादातर केंद्रों पर बिना वाहनों को ले जाए महज फोटो के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि आरआई से प्रदूषण जांच केंद्रों की पड़ताल कराई गई थी। तीन केंद्रों पर गड़बड़ी पाई गई है। तीनों केंद्रों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस रद्द किया जाएगा।