सोमा के सुर और रुद्रशंकर के नृत्य पर हुई ठुमरी की संगत
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बागेश्वरी देवी ठुमरी महोत्सव का हुआ रंगारंग श्रीगणेश माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। ठुमरी के बोल पर पैरों की थिरकन ने ऐसा जादू जगाया कि हर कोई बस संगीत के माधुर्य में खो सा गया। रुद्रशंकर का कथक और डॉ. सोमा घोष की मखमली आवाज का जादू बागेश्वरी देवी ठुमरी महोत्सव की पहली निशा में श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला। सुर, साज और संगीत की अवतारणा का ही असर था कि आसमान से बारिश की बूंदें बरस पड़ीं।
शुक्रवार शाम पांच दिवसीय बागेश्वरी देवी ठुमरी महोत्सव का श्रीगणेश दुर्गा प्रसन्ना की शहनाई पर ठुमरी के सुरों से हुई। डॉ. सोमा घोष ने गायन में विनती को दर्शाते हुए आज की रात ना जाओ सांवरिया... के बाद ठुमरी जाग पड़ी मैं तो पिया के जगाए...की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सितार वादन की दुनिया के उदीयमान कलाकार पंडित पूरबायान चैटर्जी ने अनोखी प्रस्तुति से फिर महफिल को मनोरंजित किया। देवाशीष डे ने ठुमरी गायन की प्रस्तुति दी। कथक नृत्य में रुद्र शंकर मिश्र और रिचा पांडेय ने राधा कृष्ण के प्रेम को दर्शाया। मुख्य अतिथि आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु थे। इसके पूर्व विशिष्ट अतिथि दीपक मधोक व भारती मधोक, डॉ. राजेश्वर आचार्य व मीना शर्मा ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।