बीएचयू में हिंदी विभाग के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी समेत तीन छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने 14 दिन के लिए निलंबित किया है। छात्रों पर यह कार्रवाई 21 जुलाई को अस्पताल परिसर में चलने वाले उमंग फार्मेसी से जुड़ी शिकायत के लिए ज्ञापन देने जाने के दौरान वीसी आफिस के चैनल गेट पर प्रदर्शन करने के मामले में हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 12 दिसंबर को निलंबन आदेश भी जारी किया गया है। इसमें मृत्युंजय तिवारी के अलावा पालि और बौद्ध दर्शन में शोध छात्र वैभव कुमार तिवारी, अर्थशास्त्र विभाग के छात्र आशीर्वाद दूबे का नाम शामिल है। उधर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा कर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना कहीं से गलत नहीं है। इस तरह की कार्रवाई का विरोध जारी रहेगा।