वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के अधिनियम, परिनियम में संशोधन करने की तैयारी है। नए सिरे से जो अधिनियम बनाया जाएगा, उसमें नई शिक्षा नीति में हुए बदलाव को शामिल किया जाएगा। इसके आधार पर ही प्रवेश, परीक्षा सहित पठन-पाठन आदि की प्रक्रिया को पूरी करवाई जाएगी। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति को लागू कर दिया गया है। इस आधार पर ही नए सत्र से प्रवेश करवाए जा रहे हैं जबकि सेमेस्टर की परीक्षाओं का कार्यक्रम भी इसी आधार पर तैयार करवाया गया है। 13 फरवरी को अपर मुख्य सचिव राज्यपाल की अध्यक्षता में राजभवन में हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने, नैक मूल्यांकन संबंधी पुस्तक के प्रकाशन के साथ ही अधिनियम/परिनियम में एनईपी 2020 के बाद जो परिवर्तन हुए हैं, उसे शामिल कर संशोधित अधिनियम, परिनियम बनाया जाना है। इधर, संस्कृत विश्वविद्यालय में संशोधन की जिम्मेदारी सहायक कुलसचिव को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें शासन की ओर से समय-समय पर उपलब्ध करवाए गए संशोधन, कार्यपरिषद के निर्णय को संकलित कर उसे प्रकाशन संस्थान को सौंपा जाएगा। नए सिरे से नियमावली तैयार की जाएगी। इसका एक आदेश भी विश्वविद्यालय की ओर से जारी कर सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष आदि को भेजा गया है।