वाराणसी। गंगा नदी में शवों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। गंगा सेवा अभियानम ने जांच की मांग की है। वहीं, मामले की छानबीन के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। समिति जांच कर चार दिन में रिपोर्ट भेजेगी। गंगा सेवा अभियानम के प्रमुख राकेश चंद्र पांडेय ने बताया कि मानव इतिहास की यह सबसे शर्मनाक एवं दर्दनाक घटना है। उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से गुजरने वाली गंगा नदी में कोरोना संक्रमितों के शव पॉलीथिन में लपेटकर फेंके जा रहे हैं। इन पर तत्काल रोक लगाई जाए। शासन और प्रशासन अगर शव फेंकने की घटना पर रोक नहीं लगा पाएगा तो विवशता में गंगा सेवा अभियानम के लोग धरना और प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।