वाराणसी। असि और वरुणा नदी के पुनरुद्धार एवं नदियों को अतिक्रमणमुक्त कराने के कार्य पर चल रही सुस्ती को लेकर अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखा है। 42 पेज के इस पत्र में उन्होंने एनजीटी के उस आदेश का हवाला दिया है, जिसमें 21 नवंबर 2021 को एनजीटी की प्रधान पीठ नई दिल्ली ने असि व वरुणा नदी को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त करने और पुनरुद्धार के लिए पांच वर्ष का अधिकतम समय निर्धारित किया था। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, कमिश्नर और जिलाधिकारी वाराणसी, नगर निगम और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वाराणसी को ईमेल से भेजे गए पत्र में तिवारी ने कहा है कि एनजीटी के आदेश पर गठित निष्पादन समिति व पर्यवेक्षणीय समिति की बैठकों और कार्यों की प्रगति रिपोर्ट को वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा गया था, लेकिन अब तक कोई भी प्रगति रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई। असि और वरुणा नदियों के पुनरुद्धार को लेकर अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट ने नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण से जवाब मांगा है।