महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ अर्थशास्त्र विभाग में आयोजित गोष्ठी में विकसित भारत पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता प्रो. पारसनाथ मौर्य ने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस दिशा में सभी को मिलकर काम करना होगा। विकसित भारत 2047 : एन इकोनॉमिक पर्सपेक्टिव विषय पर प्रो. पारसरनाथ ने कहा कि सबसे पहले शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बुनियादी आवश्यकता में निवेश करने पर ध्यान देना होगा। इसके लिए हर स्तर पर आत्म चिंतन की आवश्यकता है। विभागाध्यक्ष प्रो. अंकिता गुप्ता ने विकसित भारत के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. राकेश कुमार तिवारी ने कहा कि दूधनाथ चतुर्वेदी महात्मा गांधी के विचारों से काफी प्रभावित थे। प्रो. तिवारी ने बताया कि विकसित भारत की रचना कृषि जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की बहुत आवश्यकता है, जिससे कि विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो सकेगी। इस दौरान अन्नपूर्णा केसरी, ज्योति चौरसिया, शालिनी राय मौजूद रहीं।