मंडलीय प्रवर्तन दल के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने मंगलवार को समितियों का निरीक्षण किया। चिरईगांव समिति पर फास्फेटिक उर्वरक मुख्य रूप से डीएपी बहुत कम मात्रा में और एनपीके नहीं उपलब्ध थी। संयुक्त कृषि निदेशक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देशित किया कि वर्तमान में किसानों के द्वारा धान की फसल में फास्फेटिक उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है, तत्काल जनपद के सभी समितियों पर डीएपी और एनपीके की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। किसी भी समिति पर 12 टन से कम डीएपी, एनपीके और 15 टन से कम यूरिया नहीं होनी चाहिए। मौके पर मौजूद जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि नियमित रूप निरीक्षण करते रहे और कृषकों को उनकी मांग और जोत बही के अनुसार निर्धारित दर पर पोस मशीन से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।