अलंकार साहित्य संस्था के नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक चितईपुर स्थित कार्यालय पर संस्थापक अध्यक्ष डॉ. महेंद्र तिवारी अलंकार की अध्यक्षता में हुई। नियमावली और भविष्य की गोष्ठियों के स्वरूप पर चर्चा हुई। संरक्षक डॉ. चंद्रभाल सुकुमार ने दूरभाष पर साहित्य हित में कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. महेंद्र तिवारी अलंकार ने कहा कि संस्था केवल गोष्ठियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लेखन प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित करेगी। साहित्य में जीवन का मूल स्वरूप है। इसमें जीवन की मौलिकता दिखता है। वरिष्ठ गजलकार नसीमा निशा की अध्यक्षता में कवि गोष्ठी हुई। विकास पांडेय विदिप्त ने सरस्वती वंदना से शुरुआत की। कवियों ने काव्यपाठ किया। नसीमा निशा ने गजलों से समा बांध दिया। स्वागत प्रताप शंकर दूबे, संचालन अखलाक खान और धन्यवाद ज्ञापन परमहंस तिवारी परम ने किया।