अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में चल रही कार्यशाला में वक्ताओं ने गणित, सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा पद्धति पर विस्तार से चर्चा की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डॉ. सुधांशु झा ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में शैक्षिक नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षण पद्धतियां छात्रों को शोध, प्रयोग और तर्कसंगत सोच की ओर अग्रसर कर रही हैं। शिक्षा जगत में इसे भविष्य की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है। बीएचयू गणित विभाग के प्रो. एमएम त्रिपाठी ने कहा कि विज्ञान शिक्षा में अब पारंपरिक तरीकों से हटकर नवाचार को अपनाया जा रहा है। नई पहल का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं से जोड़ना और उन्हें आलोचनात्मक सोच के लिए प्रेरित करना है। इस तरह के बदलाव से विद्यार्थियों में शोध की क्षमता और समस्या समाधान कौशल विकसित होंगे। पांच दिवसीय कार्यक्रम में बिहार, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के 40 से अधिक प्रतिभागी हिस्स ले रहे हैं।