बिजली कर्मियों का आंदोलन तेज, कई उपकेंद्रों से आपूर्ति ठप
- वार्ता विफल होने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कर्मी सांकेतिक हड़ताल पर गए
- 72 घंटे तक हड़ताल पर रहेंगे, स्थानीय स्तर पर फॉल्ट ने बढ़ाई मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। निजीकरण और सेवा शर्तों में कटौती के विरोध में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। अधिशासी अभियंता, एसडीओ व अवर अभियंता सहित अन्य कर्मचारियों ने कामकाज ठप करके प्रदर्शन किया। इसका असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। कई उपकेंद्रों से आपूर्ति घंटों ठप रही। दूसरी तरफ, निगम प्रबंधन से वार्ता विफल होने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल पर चले गए हैं।
बिजली कर्मियों के आंदोलन के चलते लेढ़ूपुर उपकेंद्र करीब तीन घंटे तक बंद रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का दावा है कि पिसौर उपकेंद्र छह घंटे, पांडेयपुर नई बस्ती उपकेंद्र आठ घंटे व काशी विद्यापीठ उपकेंद्र छह घंटे ठप रहा है। स्थानीय स्तर पर फॉल्ट खूब हुए हैं। इस कारण सलारपुर,आकाशवाणी, शक्तिपीठ, पांडेयपुर, मंडुवाडीह उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। सामान्य दिनों में जो फॉल्ट तीस मिनट में ठीक हो जाता था, उसे ठीक कराने में दो से तीन घंटे लग गए। कई उपकेंद्रों के फॉल्ट ठीक ही नहीं हो सके।
कार्य बहिष्कार सफल, अब सांकेतिक हड़ताल की बारी
संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अंकुर पांडेय ने आंदोलन को सफल बताया और कहा कि कार्य बहिष्कार पूरी तरह से प्रभावी रहा है। बिजली कर्मी एकजुट हैं। इस बार आश्वासन पर बात नहीं बनेगी। कार्य बहिष्कार से बिजली आपूर्ति बाधित रही। निगम प्रबंधन ने आपूर्ति बहाल रखने का जो दावा किया था, उसमें सफलता नहीं मिली है। बहरहाल, बृहस्पतिवार की रात दस बजे के बाद से कर्मचारी 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। इस अवधि में कोई कामकाज नहीं किया जाएगा।
गिरफ्तारी हुई तो जेल भरो आंदोलन
मीडिया प्रभारी ने कहा कि बिजली कर्मियों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। किसी भी कर्मी को गिरफ्तार किया गया तो हड़ताल के साथ जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्टि्रसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर प्रदेश के बिजली कर्मी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले भिखारीपुर स्थित कार्यालय के बाहर सभा की गई। इसमें बिजली कर्मियों ने निगम प्रबंधन पर मुकरने का आरोप लगा। नीरज पांडेय, राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, अमित त्रिपाठी, संजय भारती ने कहा कि कर्मचारी हिताें की अनदेखी की जा रही है। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अनपरा तापीय परियोजना के कर्मियों का भी समर्थन
अनपरा तापीय परियोजना के कर्मचारियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। साथ ही रनिंग मशीनों के संचालन से दूरी बनाने का फैसला किया है। मीडिया प्रभारी ने बताया कि अनपरा परियोजना के कर्मचारी बृहस्पतिवार की रात से सांकेतिक हड़ताल पर चले गए हैं। लिहाजा, परियोजना की मशीनों का संचालन करने के लिए अधिकारी व कर्मचारियों को नियुक्त करने की मांग की गई है।
संविदा कर्मियों के नियोक्ता व ठेकेदारों नोटिस
कार्य बहिष्कार व सांकेतिक हड़ताल से नाराज निगम प्रबंधन ने संविदा कर्मियों के नियोक्ता व ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है। प्रबंधन ने साफ कहा है कि कार्य से विरत रहने वाले संविदा कर्मियों को हटाया जाए। साथ ही नए कर्मचारियों की भर्ती की जाए। निदेशक कार्मिक और प्रशासन शेष कुमार बघेल का कहना है कि निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कोई उपकेंद्रों को नुकसान न पहुंचा सके इसके लिए इसके लिए प्रशासन की ओर से पुलिस की तैनाती की गई है।
उपकेंद्रों पर तैनात रहेंगे अधिकारी
हड़ताल को देखते हुए निगम प्रबंधन ने भी तैयारी की है। विशेष कार्याधिकारी आरके बंसल के मुताबिक, पूर्व कर्मचारियों के साथ ही जिला प्रशासन के सहयोग से उपकेंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की गई है। पुलिस कर्मी भी निगरानी में लगे हैं। वैकल्पिक मानव संसाधन, वाहन की व्यवस्था की गई है। मजिस्ट्रेट निगरानी कर रहे हैं।
हेल्पलाइन व टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का निपटारा करने के लिए हेल्पलाइन 1912 और टोल फ्री नंबर 18001805025 पर की जा सकती है।
निर्बाध बिजली आपूर्ति के प्रयास में जुटा निगम प्रबंधन
वाराणसी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड बिजली के निर्बाध आपूर्ति के प्रयास में जुट गया है। इसी लिहाज से आईटीआई व पॉलिटेक्निक से डिग्री लेने वाले लोगों को जोड़ा गया है। 20 फीसदी अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती भी की जा रही है।
इसी सिलसिले में निदेशक शंभू कुमार ने बृहस्पतिवार को भिखारीपुर स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बात की और कहा कि फिलहाल बिजली आपूर्ति में दिक्कत नहीं है। उन्होंने बिजलीकर्मियों से काम पर लौटने की अपील की है। साथ ही कहा कि समस्या का समाधान हड़ताल से नहीं, संवाद से हो सकता है। पूर्वांचल डिस्काॅम के 21 जिलों में नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। उपकेंद्रों को कोई नुकसान न पहुंचा सके, इसके लिए पुलिस के अलावा मजिस्ट्रेटों की तैनाती कराई गई है। शिकायतों के समाधान के लिए 60 हेल्प लाइन नंबर जारी किए गए हैं।
समस्या के समाधान के लिए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर
वाराणसी। बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनाया है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि बिजली से संबंधित दिक्कतें फोन नंबर 0542-2720005, 1533 और हेल्पलाइन नंबर 18001805567 पर बताई जा सकती हैं। कमांड सेंटर 24 घंटे काम करेगा। इसके प्रभारी अपर जिलाधिकारी संजय कुमार बनाए गए हैं। जो भी शिकायतें आएंगी, उसका समाधान बिजली निगम के सहयोग से कराया जाएगा।