ज्ञानपुर। एचआईवी का संक्रमितों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता को बढ़ा दी है। लगातार जागरूक करने के बाद भी मरीज मिल ही रहे हैं। संक्रमितों में 90 फीसदी मरीज महाराष्ट्र और गुजरात के महानगरों में नौकरी करने वाले हैं।
जिले में 797 एचआईवी संक्रमित मरीजों का उपचार हो रहा है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है और जब यह क्षमता ज्यादा कम हो जाती है तो मरीज को रेट्रो वायरल दवाएं दी जाती हैं। इस स्थिति को एड्स कहते हैं। इस बीमारी के प्रति जागरूकता के चलते लगातार इसके मरीजों की संख्या में कमी आ रही थी लेकिन इधर वर्षों में संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। वर्ष 2021 में 44 मरीज पाए गए थे जबकि पिछले साल इनकी संख्या बढ़कर 78 हो गई थी। इस साल जनवरी माह में ही 13 संक्रमित मिल चुके हैं।
महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के परामर्शदाता डाॅ. फुजैल ने बताया कि जिले में कुल 797 मरीजों का उपचार चल रहा है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है। यह वायरस प्रतिरक्षा कोशिकाओं को नष्ट करता है। समय रहते उचित इलाज कराने पर मरीज बेहतर जिंदगी जीता है। एचआईवी का छूत की बीमारी नहीं है। यह हवा, पानी, हाथ मिलाने, भोजन से नहीं फैलता है। रक्त से ही इसका प्रसार होता है। संक्रमित मां का दुग्ध पान करने से बच्चे के संक्रमित होने की आशंका रहती है।उन्होंने बताया कि अब तक मिले मरीजों में 90 फीसदी महाराष्ट्र, गुजरात समेत अन्य प्रांत के महानगरों से आने वाले हैं। सभी को दवाएं देकर जागरूक किया जा रहा है।
इनसेट
पिछले तीन साल का आंकड़ा
साल - मिले मरीज
2021 - 44
2022 - 66
2023 - 78
2024 अब तक- 13